शिवालिक की पहाड़ियों में चरने वाली भिलाई गौमाता के शुद्ध दूध से पारंपरिक वैदिक विधि द्वारा बनाया गया यह बिलौना घी अपने आप में अमृत समान है। पहाड़ों में उगने वाली प्राकृतिक जड़ी-बूटियों का सेवन करने के कारण इन गायों के दूध में औषधीय गुण स्वाभाविक रूप से समाहित होते हैं, जो इस घी को और भी पोषक एवं लाभकारी बनाते हैं। इस दूध को पहले मिट्टी की हांडी में उपलों की मंद आंच पर धीरे-धीरे पकाया जाता है, फिर उससे दही जमाई जाती है और पारंपरिक बिलौना विधि से मंथन कर शुद्ध घी तैयार किया जाता है—जिससे इसके सभी प्राकृतिक पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं।
यह घी बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए अत्यंत लाभकारी है। यह शरीर को ताकत और ऊर्जा प्रदान करता है, पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में सहायक है, इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करता है, हृदय (Heart) को स्वस्थ रखने में सहायक माना जाता है और दिमागी विकास व स्मरण शक्ति के लिए भी लाभकारी है। साथ ही यह त्वचा को अंदर से पोषण देकर उसे मुलायम और चमकदार बनाता है तथा शरीर के समग्र स्वास्थ्य को संतुलित रखने में मदद करता है।
विशेषताएं:
* 100% शुद्ध देशी गाय का घी
* पारंपरिक बिलौना विधि से निर्मित
* उपलों की मंद आंच पर तैयार
* बिना किसी केमिकल या मिलावट के


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